मैथिली कविता
मैथिली कविता
June 6, 2013
0
एहन सुन्दर मिथिला धाम, दोसर पायब कोना ठाम – २
धनुष तोडने छथिन राम जनकपुर मे । । २ । ।
मिथिला राजा जनक जि के नगरि, अहिठाम रावण गाडलखिन गगरी – २
साक्षात लक्ष्मी लेल अवतार जनकपुर मे । । २ । ।
श्री राम जनकपुर मे अयलौन, शिव धनुष के तोडलौन्
केलन सिता सँग ब्याह जनकपुर मे । । २ । ।
मिथिला के धरती सुन्दर सलौना, खाली उपजै छै मोती सोना
खेत मे देखबै मेहिया धान जनकपुर मे । । २ । ।
एक दिश बहैत छै कमला नदि, दोसर छै जलेश्वर नाथके मन्दिर
तेसर छै विद्यापती जि के गाम जनकपुर मे । । २ । ।