छौमासाँ

                            छौमासाँ पीया जाई छी पटना, हम करैछि रोदना, हमरा नीको नहि लागे भबनमा हे अगहन अग्र सोहावन रहि रहि जीया अकुलाय थर थर कापे कलेजबा कोठलिया मे पुष सिरक भरायब रची रची पंलगा ओछायब जीया ओही सँ बुझायब भबनमा मे माघ […]