मिनती

काली देवी दुर्गा भवानी छि कि मोर, देखु देखु मैया शरण मे एलौ तोर गंगा निकट सं माटी कोरी लायब, काली देवी के हम पिरिया बनायब पिरिया निषैते आशिष दियौ मोर, देखु देखु मैया शरण मे एलौ तोर मलिया आगँन सं मौरी मँगायब, काली देवी के हम मौरी टँगायब मौरी टगँबिते आशिष दियौ मोर, देखु […]