मैथिली गीत कजरी

  वितल श्रावनके पुरे महिना कि घर नाही आयल सजनमा ना   बादल गरजे बिजुली चमके – २ रही रहिके दिल मोरा धरके धर धर काँपे बदनमा ना – २ सखिहे थर थर काँपे बदनमा ना । ।  वितल ………….   श्रावन मास पिया नही आयल, सखी सब मिली कै मुह बिजकैलक मोरा सुनी सेजरिया […]