मैथिली लोकगीत

मैथिली लोकगीत हम नै जायब पिया कौनो शहरमे जीन्दगी बिताएब हम मिथीला नगरमे ।। २ ।। छोटकी ननैद छथीन हमर बड सहलोली मिश्री मिठ छैक सासुजी के बोली बेटा बेटा ससुर कहै छैथ आठो पहरमें ।। जिन्दगी ………….. ।। भाभी भाभी हमरा छोटका देवर कहैय मिथिला नगरके सब जान परैय दिदी दिदी कहे छोटकी देवरानी […]

मैथिली लोकगीत
मैथिली लोकगीत
June 8, 2013

    करबै हम खेती किसान यो भैया देशके बनायब महान नयाँ नयाँ बिज डालिके खेती करायब धान, गहुँम, मकै और तेल हम उपजाएब जै सौ बनत पकवान, यो भैया देशके बनायब महान मिथिला मै रहिक मैथिल कहेलौ मिथिला एहन देश हम कतौ नै देखलौ अहिठामक धर्ती महान, यो भैया देशके बनायब महान साउन महिना […]

मैथिली लोकगीत
मैथिली लोकगीत
June 8, 2013

साउन के महिना  बहे पुरबा जोरम जोर कथि कहु ऐ सजनी देह दर्द करैय मोर   लहसुन तेल पकाक  मालिस हमरा कयदिय गावँके डाक्टर सौ हमरा के देखाय दिय सुइके देखते थर थर काँपे जियरा मोर रिमझिम – रिमझिम पाईन परैय सासुर जायके हमरा मोन करैय सासुर आबैला सालीजी करैछथी जोर कथि कहु ऐ सजनी […]