सिरहर

               सिरहर कते दिन राम भरब हम गगरी ठाडे त भरब गगरी नहि डुबे, निहुकी के भरब भिजब मोर चुनरी कते दिन राम भरब हम गगरी नहु नहु चलब, रोय घर बालक, झटकी चलब छलक मोरा गगरी कते दिन राम भरब हम गगरी रुनु झुनु रुनु झुनु पायल बाजे, […]