मैथिली सायरी
मैथिली सायरी
June 21, 2013

अछि आस बस अहिँसँ, हमर साँस अछि अहिँसँ देखीते रही अहिँके, केहन पिआस अछि अँहिसँ दु किनार जेना नदीके, कोना भेलै जिनगी अपन अहि समयके काटि लेबै,से बिश्वास अछि अहिँसँ….!   छम छम पाजेब बाजि उठल सुनि मोन मयूर नाचि उठल हृदयक सुखल नदीमे जेना प्रीतक अचानक बाढि उठल…!     राति रहै कतबो जे […]

मैथिली गजल
मैथिली गजल
June 18, 2013

भोर छै साँझ छै शहर छै गाम छै नोकरी बेपार छै बहुत रास काम छै जकर खून दौड़ै छै लोकक नश नशमे गाममे रहैछ ओ बुझू पाकल आम छै कतबो बिरोध रहै ओकर विचारसँ, मुदा ओकरे कन्हा चढ़ि भेटल ई मकाम छै जुआनी गलि गेलै पूत सभके पोषयमे जे पूत बिसरै छै कपूत छै, पाषान […]

मैथिली कविता
मैथिली कविता
June 16, 2013

आहाँक याद जखन सतबैत अछि हमरा असगरे मे हमर धरकन किछ गुनगुनाईत रहैत अछि असगरे मेकखनो आहाँ चलि आउ खुलल अछि मोनाक केबार हमर प्रीत आईयो बजबैत अछि आहाँके असगरे मेआब त आहाँ चैन सं सुतहु नै दैत छि राति मे सपनो मे आवि, आवि जगबैत छि हमरा असगरे मे आहाँ त गुमसुम रहैत छि […]

महेशवाणी
महेशवाणी
June 16, 2013

हमरो गौरी छ्ती बड सह लोलि कोनाक पिस थिन भाँगक गोलि, हातोमे परिगेलैन लोढाके ठेला कि मोर गौरी रहती कोना नहिरा मे खाथिन गौरी खोआ दुध, मिश्री ससुरा मे भाँग धतुर , कि गौरी मोर रहती कोना नहिरा मे पहिरथिन गौरी लहँगा औ सारि ससुरा मे मृगके छाला , कि गौरी मोर रहती कोना नहिरा मे ओढती गौरि, साला दोसाला ससुरा मे बाघक छाला,  कि गौरी मोर रहती कोना

महेशवाणी
महेशवाणी
June 16, 2013

बसहाँ चढल मतबलबा आगे माई शंकर जि दुलह्बा कौने हात डमरु शोभे कौने त्रीशुल धारि कहाँ  सँ  बहैछै गंगा के धरबा आगे माई शंकर जि दुलह्बा   बायाँ हाते डमरु शोभे दहिने त्रीशुल धारि जटबा सँ बहैछै गँगाके धरबा आगे माई शंकर जि दुलह्बा कहाँ बिभुत शोभे, कहाँ रुद्र माला कहाँ शोभै छै मृगके छाला आगे माई शंकर जि दुलह्बा अगँ बिभुत शोभे, गले रुद्र माला डाँरोमे शोभेला मृगके छाला आगे माई शंकर जि दुलह्बा बसहाँ  चढल मतबलबा …….

महेशवाणी
महेशवाणी
June 16, 2013

सभा पैसी जोही एक लएलनि, कएलनी लेलिन बुढबा जमाएगे माई । । बसहा चढल शिव डमरु बजाबथी, अगँ मे भस्म रमाये गे माई । । अगँने अगँने शिव भिख मगै छथि, देहरी पर धुनिया रमाये गे माई जटा देखी गौरी थर थर काँपथि, बिभुत देखी के डराई गे माई । । सौतीन देखी गौरी मनमन […]

महेशवाणी
महेशवाणी
June 15, 2013

  डमरु बजाक मन मोही लेलकै, गौरी के सजनमा दौरी दौरी गौरी आसनी आन गेली मृग के छाला ओछालेलकै, गौरी के सजनमा डमरु बजाक मन ………………. दौरी दौरी गौरी तेल आन गेली अँगोमे भस्म रमालेलकै, गौरी के सजनमा डमरु बजाक मन ………………. दौरी दौरी गौरी माखन आन गेली भाँगके गोला चिबालेलकै, गौरी के सजनमा डमरु […]

महेशवाणी
महेशवाणी
June 15, 2013

एक दिन जयबै हमसब नदिके किनार यो छुइट जायतै घर द्वार यो ना । । एक दिन यमराज भैया औथिन पकडिकै चारोदिश घिसिऔथिन । । २ । । तखन धिरे – धिरे पुछथिन हिसाब यो छुइट जायतै घर द्वार यो ना । । चौका चार कहाँरिया आयता एकटा पालकी बनयता । । २ ओइपर झाकी […]

महेशवाणी
महेशवाणी
June 15, 2013

गौरी दाई के अगुवा भेल मुदैया, ठगी लेलक रुपैया मन छल्, चित छल करितहुँ सुन्दर बर्, लय अयोला बुढबा जमैया, ठगी लेलक रुपैया गौरी दाई के ……………….. मन छल, चित छल करितहुँ धनीक घर्, लय अयोला गरीब जमैया, ठगी लेलक रुपैँया गौरी दाई के ……………….. gauri dai ke aguwa bhel mudaiyaa, Thagi lelaka rupaiyaa man […]

महेशवाणी
महेशवाणी
June 15, 2013

शिवजी सँ पुछे हिमाञ्चल के नारी , हिमाञ्चल के नारी बताद जोगिया कहाँ राखब गौरा प्यारी , बतादा जोगिया सबके तो देल भोला कोठा अँटारी सँ कोठा अँटारी अपना ल नै छओ टुटलो केबारी  बताद जोगिया कहाँ राखब गौरा प्यारी , बतादा जोगिया सबके तो देल भोला, खेत पथारी सँ खेत पथारी अपना ल नै छओ एकोधुर […]