मैथिली कविता
मैथिली कविता
June 6, 2013

बहन्ना ओकर कत्तेक सुनिएै बड निष्ठुर मन मीत हमर अछि बदलैत मौसम डर लगैया बड ब्याकुल सन प्रीत हमर अछि सीत’क बुन सन सिनेह ओकर साओन’क मेघ बनी वरसलै नै बाट तकैत आँखि पथरायल बड उदास सन सीथ हमर अछि कहब सुनब कीछ ने बाँकी राखब हृदय के भितर आब त हम जीबन पथ पर […]

मिनती

काली देवी दुर्गा भवानी छि कि मोर, देखु देखु मैया शरण मे एलौ तोर गंगा निकट सं माटी कोरी लायब, काली देवी के हम पिरिया बनायब पिरिया निषैते आशिष दियौ मोर, देखु देखु मैया शरण मे एलौ तोर मलिया आगँन सं मौरी मँगायब, काली देवी के हम मौरी टँगायब मौरी टगँबिते आशिष दियौ मोर, देखु […]

बेटा लगन

सुन्दर माँय बापँ, सुन्दर पल्किया, सुन्दर साजु बरीयात धनुष धरिया सब बारीयाती मिली जनकपुर निक्सल जय जय बाजु सब लोग धनुष धरिया एक कोश गेला राम, दुई कोश गेला, तेसर मे लाग्ल पियास धनुष धरिया गाछ बिरिछ चढि ताकु बाबु लक्ष्मण कतहुनै मिलल सरोबर धार धनुष धरिया कन्या कुमारी एक आवैत देखल कलश भरल जुर […]

बटगवनी

चानन भेल बिषम सर रे, भुषन भेल भारी सपनेहु हरि नही आयल रे, गोकुल गिरधारी अश्गर ठाडी कदम तर रे, पथ हेरथी मुरारी हरि बिनु देह दगध भेल रे, झाझर भेल सारी जहाँ जहाँ तोहे जाहुँ उधव रे, मधुपुर जाहुँ चन्द्र वदन नही जिवत रे, वध लागल भारी भन्हि विधापती गावल रे, सुनु गुणवती नारी […]

बटगवनी

कुन्ज भवन सं निक्सल रे रोकल गिर धारी एक ही नगर बसुँ माधव रे, जनी करु बट्मारी छोरु कन्हैया मोरा आचँर रे, फाट्त नव सारी अपजस् होयत जगत भरी रे, करिय उधारी सँगक सखी सब आगु आयत रे, हम असगर नारी दामिनी दमक तुलाईल रे, एक रात अन्हारी भन्हि विधापती गावल रे, सुनु गुणवती नारी […]

परिछन गीत

बहिना गे कोना क परिछब सिया जि के बर के लगैय हमरा डर गे ना । । बरके बापके पाकल दाढि, हुनका तीन तीनटा महतारि बरके देखिके हमरा बुझाइय चित चोर गे । । लगैय हमरा डर गे ना । । बर छैथ बचपन सौ धनुष धारी उ त बनौलन पथल के नारी हिनका देखिते देखिते भगेल साँझ स भोर गे । । लगैय हमरा डर गे ना । ।

नचारी

तर बहु गँगा, उपर बहु जमुना, बिचे बहु सरस्वती धार गे माई ताही ठाम शिवजी पलंग बिछाओल, जटाके देलखिन छिरिआई गे माई । । फुल लोढ गेलनी गौरी कुमारी, आँचर धय लेल बिल माई गे माई छोरु छोरु आहे शिव मोरे आँचरवा, हम छी बारी कुमारी गे माई । । बाबा मोरा सुन्ता हाती चढि ऐता, भैया बन्दुक लय देखावे गे माई अम्मा सुनती जहर खाय मरति, भावी मोरा खुशी भय बैसती गे माई । । सेहो सुनी शिवजी सिन्दुर बेसाहल, गौरी बेटी राखल बयाही गे माई । ।

गौरी गीत

पिया यो छोडु नै आँचर, भोर भिनसरवा भेलै ना, धनी ए बैसु मोर पलङ, अधिरतिया भेलै ना भोरे जे उठबैइ, फूल लोढी लायब से दुनु मिली ना पिया यौ गौरी के आराधब से दुनु मिली ना, पिया यो छोडु नै आँचर …………….. भोरे जे उठबैइ जल भरी लायब से दुनु मिली ना पिया यौ गौरी […]

गौरी गीत

नदिया किनारे गौरी ठार रे, फूल द दे मलिनिया गिरिजा पुजन हम जाएब रे, फूल द दे मलिनिया कथि मे लोडब बेली चमेली, कथि मे लोडब गुलाब गे, फूल द दे मलिनिया साजी मे लोडब बेली चमेली, खोइँचा मे लोडब गुलाब गे, फूल द दे मलिनिया नदिया किनारे गौरी ठार रे………… किनका चढायब बेली चमेली, […]

गौरी गीत

पिया यो छोडु नै आँचर, भोर भिनसरवा भेलै ना, धनी ए बैसु मोर पलङ, अधिरतिया भेलै ना भोरे जे उठबैइ, फूल लोढी लायब से दुनु मिली ना पिया यौ गौरी के आराधब से दुनु मिली ना, पिया यो छोडु नै आँचर …………….. भोरे जे उठबैइ जल भरी लायब से दुनु मिली ना पिया यौ गौरी […]

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