विधापति गीत

  जय जय भैरवि जय जय भैरवि असुर भयाउनि पशुपति भामिनि माया । सहज सुमति बर दिय हे गोसाउनि अनुगति गति तुअ पाया ।। बासर रैनि सवासन शोभित चरण चन्द्रमणि चूडा । कतओक दैत्या मारि मुँह मेललि कतओ उगिलि करु कूडा ।। सामर वरण नयन अनुरंजित जलद जोग फुलकोका । कट–कट विकट ओठ पुट पाँडरि […]